लोकसभा चुनाव का बिगुल बजने से पहले मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शनिवार को लोक लुभावन बजट पेश किया। बजट में मुख्यमंत्री ने समाज के सभी वर्गों को साधने की कोशिश में दिखे। बजट में मुख्यमंत्री ने युवाओं, कर्मियों, महिलाओं, किसानों के साथ-साथ समाज के कमजोर वर्गों को भी साधने की कोशिश की। स्थानीय निकायों व पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचित प्रतिनिधियों का मानदेय बढ़ाने की मुख्यमंत्री ने बजट में घोषणा की है। मनरेगा कर्मियों के साथ साथ सामाजिक सुरक्षा पेंशन में वृद्धि कर मुख्यमंत्री सुक्खू ने कमजोर वर्गों को साधने की कोशिश चुनाव से पहले की है।
लोकसभा चुनाव मार्च माह के दूसरे सप्ताह में घोषित होने की संभावना है। इससे पहले मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शनिवार को विधानसभा में आगामी वित्त वर्ष का बजट पेश किया। बजट में मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों को 4 फीसदी डीए की किश्त जारी करने की घोषण की। कर्मचारियों का 12 फीसदी डीए देय है, इसमें से सरकार आगामी वित्त वर्ष में 4 फीसदी डीए पेंशन भोगियों व कर्मचारियों को देगी। इससे खजाने पर करीब 580 करोड़ का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने 2016 से 2021 के बीच सेवानिवृत हुए कर्मियों को लीव इनकैशमेंट व ग्रेच्युटी का लाभ तथा कर्मचारियों को चरणबद्ध तरीके से एरियर के भुगतान की घोषणा की। पुलिस कर्मियों की डाइट मनी को मासिक एक हजार करने की घोषणा बजट में की गई है। साथ ही कर्मचारियों को एक के बजाय सेवा काल में दो मर्तबा एलटीसी सुविधा देने की घोषणा सीएम ने बजट में की।

प्रदेश में हजारों दैनिक भोगी कर्मचारी हैं, सरकार ने इनकी दिहाड़ी 25 रुपये बढ़ा कर हर माह 400 रुपये कर दी है। इसी तरह हजारों आउटसोर्स कर्मियों को भी हर माह 12 हजार मासिक मानदेय मिलेगा। पंचायत वेटनरी सहायकों के मानदेय को 500 रुपये बढ़ा कर हर माह 7500 रुपये कर दिया गया है।
एसएमसी अध्यापक नियमित करने की नीति की मांग को लेकर क्रमिक अनशन पर हैं। सरकार ने इन शिक्षकों के साथ साथ आईटी शिक्षकों के मानदेय में 1900 -1900 रुपये तथा सिलाई अध्यापिकाओं के मानदेय में 500 रुपये बढ़ाया है। पुलिस के एसपीओ के मानदेय को भी 500 रुपये बढ़ाया गया है।



