14 फरवरी से शुरू हो रहे हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण से होगी। राज्यपाल के इस अभिभाषण में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार के एक वर्ष की झलक देखने को मिलेगी। इस एक साल में सरकार द्वारा पूरी की गई तीन गारंटियों से हुए विकास का हवाला दिया जाएगा।
सरकार की तरफ से तैयार किए जाने वाले राज्यपाल के इस अभिभाषण को अंतिम रुप दिया जा रहा है, जिसे मंत्रिमंडल की आगामी बैठक में मंजूरी प्रदान की जाएगी। मौजूदा कांग्रेस सरकार को प्रदेश में सत्तारुढ़ हुए इस समय 1 वर्ष से अधिक का कार्यकाल हुआ था, जिसमें सत्ता में आते ही निराश्रित करीब 4,000 बच्चों के लिए सुख आश्रय योजना की शुरुआत की गई थी। इन बच्चों को चिल्ड्रन आफ द स्टेट का दर्जा देकर सरकार ने इनके भरण-पोषण एवं पढ़ाई का जिम्मा उठाया था। सरकार ने अपनी पहली ही कैबिनेट में प्रदेश के कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना की बहाली की थी, जो कांग्रेस की पहली बड़ी चुनावी गारंटी थी। ऐसे में राज्यपाल के अभिभाषण में प्रमुख रुप से मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना एवं पुरानी पेंशन बहाली का विशेष तौर पर उल्लेख रहने की संभावना है।
इसके अलावा प्राकृतिक आपदा से जूझते हुए कैसे सामान्य जन-जीवन को पटरी पर लाया जा सका तथा राजस्व लोक अदालतों से लोगों के मामलों के निपटारे सहित अन्य उपलब्धियों का बखान भी इसमें देखने को मिलेगा। कुल मिलाकर सरकार के 1 वर्ष का लेखा-जोखा और भविष्य के रोडमैप की झलक राज्यपाल अभिभाषण में देखने को मिलेगी।
प्रश्नों के मिलने का सिलसिला शुरू, 13 को सर्वदलीय बैठक
विधानसभा के बजट सत्र को लेकर पक्ष-विपक्ष के विधायकों की तरफ से प्रश्नों को पूछे जाने का सिलसिला शुरू हो गया है। इन प्रश्नों को आन लाइन और आफ लाइन दोनों माध्यम से पूछा जा रहा है। बजट सत्र के दौरान सुरक्षा एवं ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर भी आने वाले दिनों में बैठकें होंगी। साथ ही विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया की तरफ से 13 फरवरी को सर्वदलीय बैठक बुलाए जाने की संभावना है, जिसमें वह पक्ष-विपक्ष से सत्र के दौरान अपेक्षित सहयोग देने का आग्रह करेंगे। सत्र से 1 दिन पहले ही सत्तारुढ़ कांग्रेस एवं विपक्षी भाजपा विधायक दल की बैठक होगी तथा मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू 17 फरवरी को वित्तीय वर्ष, 2024-25 के लिए बजट प्रस्तुत करेंगे।



