प्रदेश सरकार ने विधायकोंं को मिल रहे दैनिक भत्ते को समाप्त करते हुए मंत्रियों को भी मिलने वाले भत्ते की धनराशि को 1800 रुपये से बढ़ाकर 2500 रुपये प्रतिदिन कर दिया है। आज सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है। तत्काल प्रभाव से प्रदेश सरकार के मंत्री राज्य मुख्यालय से बाहर होने की स्थिति में 2500 रुपये दैनिक भत्ते के हकदार होंगे। तपोवन में आयोजित होने वाले विधानसभा के शीतकालीन सत्र में विधायक व मंत्री एक समान भत्ता प्राप्त करेंगे। विधायकों के दैनिक भत्ते में वृद्धि कुछ समय पहले हो चुकी है। विधायक भी वर्तमान 2500 रुपये से पहले 1800 रुपये दैनिक भत्ता प्राप्त कर रहे थे।
सरकार ने इस वर्ष विधानसभा के बजट सत्र के अंतिम दिन विधायकों के मानदेय में वृद्धि के साथ-साथ भत्तों में वृद्धि संबंधी बिल को स्वीकृति प्रदान की थी। कई महीनों तक सचिवालय और विधानसभा सचिवालय में फाइल घूमती रही और एक माह पहले राज्यपाल की स्वीकृति मिलने के बाद सरकार ने मंत्रियों के वेतन-भत्तों में बढ़ोतरी करने के साथ-साथ पूर्व विधायकों की पेंशन को 1.25 लाख मासिक कर दिया था। मंत्रियों के अन्य भत्तों में तो वृद्धि हो गई थी, लेकिन दैनिक भत्ते में वृद्धि सामान्य प्रशासन की अधिसूचना से लागू हो गई है। इससे पहले मंत्रियों के दैनिक भत्ते में वृद्धि 31 अक्टूबर, 2000 को हुई थी।
मंत्रियों को यात्रा भत्ता असीमित
प्रदेश सरकार के मंत्रियों को यात्रा भत्ता असीमित है। इसके पीछे कारण ये है कि मंत्रियों के वाहन जनकल्याण के लिए लगातार दौड़ते रहते हैं। जबकि विधायकों को पहले 18 रुपये प्रति किमी यात्रा भत्ता की सुविधा प्राप्त थी, जिसे सरकार ने बढ़ाकर 25 रुपये प्रति किमी किया है। प्रत्येक विधायक अपने विधानसभा में इस यात्रा संबंधी प्रति किमी भत्ता लेने का पात्र है।
यदि मंत्री शिमला में है ताे भत्ता नहीं मिलेगा
यदि कोई मंत्री शिमला में है तो उसे दैनिक भत्ता 2500 रुपये प्राप्त नहीं होगा। इसके पीछे तर्क ये है कि ठहरने की सुविधा के लिए आवास है।



