देश में चुनावी पारदर्शिता को लेकर मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू द्वारा प्रश्न खड़ा करने के बाद संसदीय कार्यमंत्री हर्षवर्धन चौहान ने भी इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। सचिवालय स्थित अपने कार्यालय में संसदीय कार्यमंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि देश में हो रहे चुनाव पूरी तरह निष्पक्ष नहीं हैं। उनका आरोप है कि चुनाव आयोग सहित कुछ केंद्रीय एजेंसियां केंद्र की मोदी सरकार के दबाव में काम कर रही हैं। उन्होंने ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए कहा कि मशीनों को हैक किए जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने यह भी दावा किया कि कई देश जहां पहले ईवीएम से चुनाव होते थे, अब बैलेट पेपर की ओर लौट रहे हैं। हालांकि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस्तीफा न देने के मुद्दे पर उन्होंने असहमति जताई। लोकतांत्रिक परंपराओं का पालन होना चाहिए और हार के बाद पद छोड़ना एक स्वस्थ परंपरा है।
नगर निगम चुनाव पर कांग्रेस का दावा मजबूत
नगर निगम चुनावों को लेकर हर्षवर्धन चौहान ने कांग्रेस की स्थिति को भाजपा से बेहतर बताया। उन्होंने कहा कि पार्टी ने जिताऊ उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है और बागी नेताओं को मनाने की कोशिशें जारी हैं। उनके अनुसार बगावत की स्थिति कांग्रेस से ज्यादा भारतीय जनता पार्टी में देखने को मिल रही है। उन्होंने कहा कि सोलन नगर निगम चुनाव में कांग्रेस के बेहतर प्रदर्शन का भरोसा है।
भराड़ी पोस्टर विवाद पर अपील
शिमला के भराड़ी क्षेत्र में लगे धमकी भरे पोस्टरों पर प्रतिक्रिया देते हुए हर्षवर्धन चौहान का कहना था कि यह शरारती तत्वों की करतूत है। उन्होंने पुलिस को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने व घबराने से बचने की अपील की है।
उद्योग पलायन पर विपक्ष को जवाब दिया
उद्योगों के पलायन के मुद्दे पर भाजपा के आरोपों को खारिज करते हुए हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि हिमाचल से कोई बड़ा उद्योग बाहर नहीं गया है। उन्होंने माना कि छोटे उद्योगों के स्थानांतरण के पीछे कई कारण हो सकते हैं और यह स्थिति पूर्व में भाजपा सरकार के दौरान भी रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नई औद्योगिक नीति के जरिए निवेश आकर्षित करने और उद्योगों को हिमाचल में स्थापित करने के प्रयास कर रही है।



