प्रदेश की राजधानी शिमला में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) द्वारा आयोजित विरोध मार्च पर प्रदेश सरकार के राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने तीखा पलटवार किया है। बीजेपी द्वारा सरकार पर बदले की भावना से काम करने के लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए नेगी ने स्पष्ट किया कि वर्तमान राज्य सरकार पूरी तरह से कानून के दायरे में रहकर कार्य कर रही है और भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टालरेंस की नीति पर आगे बढ़ रही है। सचिवालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए राजस्व मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार किसी भी प्रकार की राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से काम नहीं कर रही है। यदि विपक्ष या किसी व्यक्ति को सरकार की कानूनी कार्रवाई पर कोई आपत्ति है, तो उनके लिए अदालत के दरवाजे खुले हैं और वे न्यायपालिका का रुख कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से ऐसा कोई भी कदम नहीं उठाया जा रहा जो गैर-कानूनी या असंवैधानिक हो।
राज्य सरकार की प्राथमिकताओं का उल्लेख करते हुए नेगी ने कहा कि कांग्रेस सरकार चुनाव के दौरान दी गई अपनी सभी गारंटियों को चरणबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। हालांकि, केंद्र की मोदी सरकार हिमाचल प्रदेश के साथ निरंतर असहयोग का रवैया अपनाए हुए है। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर पर हमला बोलते हुए नेगी ने कहा कि जयराम ठाकुर पिछले तीन वर्षों से लगातार आधारहीन और तथ्यहीन बयानबाजी कर रहे हैं। जनता अब उनके बयानों को पूरी तरह से नकार चुकी है और उन्हें कोई गंभीरता से नहीं ले रहा है।



