प्रदेश के हजारों अनुबंध कर्मचारियों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। अब दो साल का अनुबंध (कान्ट्रैक्ट) कार्यकाल पूरा कर चुके कर्मचारियों को पक्का होने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। प्रदेश सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि शर्तें पूरी कर चुके कर्मचारियों के नियमितीकरण में अब कोई भी विभागीय देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वर्तमान सरकार के कार्यकाल के दौरान दो साल पहले सरकारी सेवा में आए 1000 से 1500 अनुबंध कर्मचारी इससे लाभान्वित होंगे।
इसके अतिरिक्त नियम पूरे करने वाले दैनिक भोगियों को भी चरणबद्ध ढंग से नियमितीकरण का लाभ प्राप्त होगा। राज्य सरकार की नीति के अनुसार, हर साल 31 मार्च और 30 सितंबर को उन अनुबंध कर्मचारियों को नियमित किया जाता है, जिन्होंने अपने सेवाकाल के दो वर्ष सफलतापूर्वक पूरे कर लिए हैं। अक्सर कागजी कार्यवाही और विभागीय लेटलतीफी के कारण कर्मचारियों को पक्का होने के आदेशों के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था, लेकिन इस बार तस्वीर बिल्कुल अलग है। इस बार पूरी कोशिश है कि तय तारीखों (31 मार्च और 30 सितंबर) के तुरंत बाद कर्मचारियों के हाथ में उनके नियमितीकरण के आदेश सौंप दिए जाएं। विभागों की इस सक्रियता से उन हजारों कर्मचारियों के चेहरों पर खुशी की लहर है, जो अपने नियमित होने की बाट जोह रहे थे। अब यह लगभग तय माना जा रहा है कि इस बार नियमितीकरण में कोई अड़चन या देरी नहीं होगी। इस संबंध में मुख्य सचिव केके पंत की ओर से सभी विभागों को निर्देश जारी किए गए हैं।
विभागों ने युद्ध स्तर पर शुरू की तैयारी
नियमितीकरण की इस प्रक्रिया को समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए प्रदेश सरकार के सभी विभागों ने अपनी कमर कस ली है। जानकारी के अनुसार, कर्मचारियों के नियमितीकरण को लेकर जरूरी कागजी औपचारिकताएं और फाइल वर्क तेजी से निपटाया जा रहा है।



