मणिमहेश यात्रा फिलहाल ‘प्रसाद’ योजना में शामिल नहीं: पर्यटन मंत्रालय

0

प्रदेश के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल और चंबा जिले की ऐतिहासिक मणिमहेश यात्रा को केंद्र सरकार की प्रसाद योजना में शामिल करने को लेकर फिलहाल कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। यह जानकारी केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने संसद में दी। लोकसभा भाजपा सांसद डा. राजीव भारद्वाज द्वारा पूछे गए तारांकित प्रश्न का उत्तर देते हुए केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि पर्यटन स्थलों और तीर्थस्थलों का विकास मुख्य रूप से संबंधित राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों का विषय है। हालांकि, केंद्र सरकार राज्य सरकारों के प्रयासों को मजबूती देने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करती है। पर्यटन मंत्रालय के अनुसार स्वदेश दर्शन 2.0 और चैलेंज बेस्ड डेस्टिनेशन डेवलपमेंट जैसी योजनाओं के माध्यम से भी देश भर में पर्यटन अवसंरचना का विस्तार किया जा रहा है, बशर्ते राज्य सरकारें निर्धारित दिशानिर्देशों के अनुरूप प्रस्ताव भेजें।

सांसद डा. राजीव भारद्वाज ने सवाल किया था कि क्या सरकार मणिमहेश यात्रा और उससे जुड़े पवित्र स्थलों को तीर्थयात्रा कायाकल्प और आध्यात्मिक संवर्धन अभियान (प्रसाद) योजना के तहत शामिल करने का विचार कर रही है और क्या हिमाचल प्रदेश सरकार ने इस संबंध में कोई प्रस्ताव भेजा है? इसके जवाब में केंद्रीय मंत्री ने बताया कि प्रसाद योजना के तहत किसी भी परियोजना को मंजूरी देने के लिए राज्य सरकार द्वारा विस्तृत प्रस्ताव भेजा जाना अनिवार्य होता है। वर्तमान में पर्यटन मंत्रालय के पास मणिमहेश यात्रा या चंबा के संबंधित स्थलों को प्रसाद योजना में शामिल करने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।

स्वदेश दर्शन योजना के तहत हिमाचल को मिला बजट

केंद्रीय मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि केंद्र सरकार हिमाचल प्रदेश में पर्यटन और धार्मिक बुनियादी ढांचे के विकास के लिए लगातार सहयोग कर रही है। स्वदेश दर्शन योजना के तहत वर्ष 2016-17 में हिमालयन सर्किट (कियारीघाट, शिमला, हाटकोटी, मनाली, कांगड़ा, धर्मशाला, बीड़, पालमपुर और चंबा) के एकीकृत विकास के लिए 68.34 करोड़ रुपये की परियोजना स्वीकृत की गई थी, जिसके तहत विकास कार्य किए गए हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here