राजभवन में उत्तर प्रदेश का स्थापना दिवस आयोजित

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राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने कहा कि भारत की ताकत इसकी विविधता और एकता में है। उन्होंने कहा कि विभिन्न राज्यों की संस्कृतियों, परंपराओं और प्रथाओं के संपर्क से राज्यों के बीच समझ और जुड़ाव बढ़ेगा। इस प्रकार ‘‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’’ की परिकल्पना से भारत की एकता और अखंडता और मजबूत होगी। राज्यपाल आज यहां उत्तर प्रदेश के स्थापना दिवस पर राजभवन में आयोजित सम्मान समारोह कार्यक्रम में बोल रहे थे।

हिमाचल में रह रहे उत्तर प्रदेश के नागरिकों को राज्य के स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने कहा कि 22 जनवरी का दिन ऐतिहासिक ही नहीं बल्कि एक ऐसा दिवस है जब अयोध्यावासी माता सीता के श्राप से मुक्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सभी धर्मों की आस्था का केंद्र रहा है। बौद्ध, जैन से लेकर रहीम के दान की संस्कृति भी उत्तर प्रदेश से उपजी, सूर्य के काव्य का प्रेम भी उत्तर प्रदेश से उपजा और मीरा की भक्ति भी उत्तर प्रदेश में ही आकर समाहित हुई।

उन्होंने कहा कि दिल्ली भले ही राजनीतिक राजधानी हो लेकिन भारत की सांस्कृतिक राजधानी उत्तर प्रदेश ही है। उन्होंने काशी के कारीडोर की भव्यता और अयोध्या के राम मंदिर की दिव्यता दुनिया ने देखी है। यह कार्य बहुत पहले हो जाना चाहिए था।

उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश राजभवन हर प्रदेश के स्थापना दिवस को बढ़-चढ़कर मनाने का कार्य कर रहा है। उन्होंने इस अवसर पर गुरु कुंदन लाल गंगानी फाउंडेशन द्वारा प्रस्तुत किए गए सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए फाउंडेशन को 40 हजार रुपये देने की घोषणा भी की। इससे पूर्व, उन्होंने उत्तरप्रदेश के हिमाचल मेें रहे रहे नागरिकों को हिमाचली टोपी, शाल, राममंदिर का चित्र और गमला भेंट कर सम्मानित किया।

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