संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा रविवार को आयोजित एनडीए व एनए-2 (एनडीए व एनए-2) और सीडीएस-2 की परीक्षा शिमला सहित अन्य शहरों में शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गई। शिमला में बनाए गए विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर सुबह से ही युवाओं में भारी उत्साह और भीड़ देखने को मिली। परीक्षा में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए गए थे और परिंदे को भी पर मारने की इजाजत नहीं थी। परीक्षा केंद्रों में हाईटेक नकल को रोकने के लिए पुख्ता बंदोबस्त किए गए थे। सभी केंद्रों पर सुरक्षा के लिहाज से जैमर लगाए गए थे। सघन तलाशी और चेकिंग प्रक्रिया से गुजरने के बाद ही उम्मीदवारों को परीक्षा हाल में प्रवेश की अनुमति दी गई। केंद्र के भीतर मोबाइल फोन, डिजिटल वाच, स्मार्ट वाच, ब्लूटूथ सहित किसी भी तरह के इलेक्ट्रानिक गैजेट और बैग ले जाने पर पूरी तरह से पाबंदी रही।
तीन चरणों में सीडीएस और दो में हुई एनडीए की परीक्षा हुई। यूपीएससी द्वारा यह परीक्षा अलग-अलग चरणों में आयोजित की गई। सीडीएस (सीडीएस-2) परीक्षा तीन चरणों में संपन्न हुई। पहले चरण में सुबह 9 से 11 बजे, दूसरी दोपहर 12.30 से 2.30 बजे और तीसरी शाम 4 से 6 बजे तक आयोजित की गई। एनडीए (एनडीए व एनए-2) परीक्षा दो चरणों में ली गई। पहला चरण सुबह 10 से दोपहर 12.30 बजे तक और दूसरा दोपहर 2 बजे से शाम 4.30 बजे तक चला।
आधा घंटा पहले बंद हुए गेट, पहचान पत्र रहा अनिवार्य
परीक्षा को लेकर समय की भारी सख्ती देखने को मिली। केंद्रों के प्रवेश द्वार परीक्षा शुरू होने से डेढ़ घंटे पहले ही खोल दिए गए थे, लेकिन ठीक 30 मिनट पहले गेट बंद कर दिए गए। इसके बाद पहुंचने वाले किसी भी अभ्यर्थी को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई। परीक्षा देने के लिए उम्मीदवारों को अपने ई-एडमिट कार्ड के साथ-साथ आवेदन पत्र में दर्ज मूल फोटोयुक्त पहचान पत्र दिखाना अनिवार्य था। इन्हीं दस्तावेजों के मिलान के बाद ही अभ्यर्थियों को उनकी सीट तक जाने दिया गया।



