हिमाचल प्रदेश में कृषि और संबद्ध क्षेत्रों के समग्र विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आज हिमाचल प्रदेश कौशल विकास निगम और हिमाचल प्रदेश फसल विविधीकरण संवर्धन परियोजना, चरण-II के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। जो जापान अंतर्राष्ट्रीय सहयोग एजेंसी द्वारा वित्तपोषित है। इस समझौता ज्ञापन पर निगम की प्रबंध निदेशक गंधर्व राठौर और हिमाचल प्रदेश फसल विविधीकरण संवर्धन परियोजना के परियोजना निदेशक सुनील चौहान ने हस्ताक्षर किए। यह सहयोग प्रदेश के युवाओं को तकनीकी इंटर्न प्रशिक्षण कार्यक्रम और निर्दिष्ट कुशल श्रमिक कार्यक्रम में भाग लेने की सुविधा प्रदान करेगा। इन पहलों के माध्यम से जापान से उन्नत कृषि पद्धतियों से संबंधित तकनीकी कौशल, प्रौद्योगिकी और ज्ञान भारत में स्थानांतरित किया जाएगा। इसका उद्देश्य प्रदेश में एक कुशल कार्यबल का विकास करना है, जो जापान के विभिन्न कृषि इकाइयों और खेतों में आन-द-जाब प्रशिक्षण प्राप्त करेगा।
यह पहल हिमाचल प्रदेश में अपनी तरह की पहली है। इस कार्यक्रम के तहत, हिमाचल प्रदेश फसल विविधीकरण संवर्धन परियोजना, चरण-II वित्तपोषण एजेंसी के रूप में कार्य करेगी, जबकि निगम एक पेशेवर भेजने वाले संगठन के माध्यम से कार्यक्रम को लागू करेगा। अगले पांच वर्षों में 150 से अधिक उम्मीदवारों को जापानी भाषा में प्रशिक्षण प्राप्त होगा और फिर उन्हें तकनीकी इंटर्न प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेने और निर्दिष्ट कुशल श्रमिक भूमिकाओं में रोजगार प्राप्त करने के लिए जापान भेजा जाएगा। इस समझौता ज्ञापन के तहत सहयोग से भारत और जापान दोनों को पारस्परिक लाभ होने की उम्मीद है। यह उम्मीद की जाती है कि हिमाचल प्रदेश इस अनूठी पहल के माध्यम से प्राप्त कौशल और ज्ञान से अत्यधिक लाभान्वित होगा।
हस्ताक्षर कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
इस हस्ताक्षर कार्यक्रम में तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्मानी, कृषि मंत्री प्रो. चंद्र कुमार, विधायक इंदौरा मलेंदर राजन, विधायक शाहपुर केवल सिंह पठानिया, विधायक बलह इंदर सिंह गांधी, राज्य समन्वयक अतुल करहोता, बागवानी सचिव सी. पालरसु और निगम के महाप्रबंधक नरेश कुमार शर्मा शामिल थे।



