– हिमाचल में सनातन धर्म बचाने को करें हस्तक्षेप
विक्रमादित्य सिंह ने कहा है कि मोहन भागवत को हस्तक्षेप कर हिमाचल में सनातन धर्म को बचाने की जरूरत है। मंडी संसदीय क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी कंगना रनौत को निशाने पर लेते हुए कहा कि जो खान-पान हिंदू की सोच से भी दूर है, भाजपा ने ऐसी सोच को बढ़ावा देने वाली प्रत्याशी को मंडी से उतारा है। हिमाचल प्रदेश में सातवें और आखिरी चरण में लोकसभा के चुनाव हैं। मंडी संसदीय क्षेत्र में भाजपा की प्रत्याशी कंगना रनौत, जबकि कांग्रेस के प्रत्याशी विक्रमादित्य सिंह हैं। विक्रमादित्य सिंह एक के बाद एक कंगना रनौत पर निशाना साध रहे हैं। शुक्रवार को एक बार फिर मंडी संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस के प्रत्याशी और सरकार में लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कंगना रनौत को निशाने पर ले लिया उन्होंने सनातन धर्म को बचाने के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सरसंघचालक मोहन भागवत से भी हस्तक्षेप की मांग उठाई।
विक्रमादित्य सिंह का कहना है कि हिमाचल प्रदेश में सनातन धर्म खतरे में आ गया है। भारतीय जनता पार्टी ने एक ऐसे प्रत्याशी को चुनावी मैदान में उतारा है, जिससे देव परंपरा खतरे में आ गई है। वे इस तरह का खान-पान को बढ़ावा दे रही हैं, जिसके बारे में देवभूमि हिमाचल के लोग सोच भी नहीं सकते। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने ऐसी सोच रखने वाली प्रत्याशी को मैदान में उतारा है। पूरे मामले में भारतीय जनता पार्टी तो अपने मुंह में टेप लगा ली है, लेकिन राष्ट्र स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत को इस पूरे मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि अन्य लोगों की नजर में भले ही यह सीट हॉट सीट हो, लेकिन उनके लिए ऐसा नहीं है, उनके लिए हिमाचल प्रदेश की चारों सीट एक समान है।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर पर भी निशाना
भाजपा प्रत्याशी कंगना रनौत पर निशाना साधने के बाद विक्रमादित्य सिंह ने पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष ने विधानसभा में मुख्यमंत्री रहते हुए कहा था कि ओल्ड पेंशन स्कीम अगर कर्मचारियों को चाहिए, तो उन्हें चुनाव लड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि अभी मजबूरी में इसका समर्थन कर रहे हैं। उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने पहले ही यह कह दिया है कि आने वाले वक्त में कांग्रेस सरकार ओल्ड पेंशन स्कीम को कानूनी रूप से मजबूत बनाएगी, ताकि आने वाले वक्त में कोई भी ओल्ड पेंशन स्कीम को खत्म न कर सके।



