लोकतंत्र बचा हुआ है, तभी मोदी प्रधानमंत्री हैं, प्रश्न तो संविधानिक संस्थाओं को बचाने का: सुखविन्द्र सिंह सुक्खू

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मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू का कहना है कि भाजपा की सरकार सत्ता में है। जब लोकतंत्र बचा हुआ है, तभी तो नरेन्द्र मोदी प्रधानमंत्री हैं। यदि लोकतंत्र ही नहीं होता तो देश के प्रधानमंत्री मोदी कैसे बनते। इतना ही नहीं, देश के 18 राज्याें में लोकतंत्र के कारण ही इनकी सरकारें हैं। हमारी यात्रा तो संविधान बचाने के लिए है। बाबा साहब भीमराव अम्बेदकर ने जो संविधान लिखा, उस संविधान के अनुसार सरकारें चलती आईं।

कभी भी कांग्रेस ने संविधान के साथ छेड़छाड़ नहीं की। पहले कभी भी संविधानिक संस्थाओं में बैठे लाेग राजनीतिक पार्टियों से संबंधित नहीं होते थे। सर्वोच्च न्यायालय भी हमारा साथ दे रहा है। समूचा विपक्ष विशेष तौर पर संविधानिक संस्थाओं को बचाने के लिए पद यात्रा कर रहा है। चौड़ा मैदान स्थित होटल पीटरहाफ के प्रांगण में एशियाई खेलों की पदक विजेता प्रतिभाओं के लिए आयोजित सम्मान समारोह के उपरांत पत्रकारों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि कहा कि वर्तमान दौर में चुनाव आयोग जैसी शीर्ष संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

इतिहास का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने आजादी के बाद दशकों तक देश की सत्ता संभाली, लेकिन कभी भी लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा और स्वतंत्रता के साथ छेड़छाड़ नहीं की। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत जैसे विविधतापूर्ण राष्ट्र का लोकतंत्र केवल और केवल संविधान की मर्यादाओं पर ही सुरक्षित रह सकता है। कांग्रेस पार्टी किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि इसी संवैधानिक ढांचे और जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए सड़क से लेकर सदन तक आवाज बुलंद कर रही है।

वाइल्ड फ्लावर हाल: कानूनी जीत के बाद 401 करोड़ मिले, अब सालाना 37 करोड़ का राजस्व

राजनीतिक मुद्दों के साथ-साथ मुख्यमंत्री सुक्खू ने प्रदेश के वित्तीय हितों से जुड़े एक बड़े मामले पर भी अपनी बात रखी। शिमला स्थित ऐतिहासिक व भव्य वाइल्ड फ्लावर हाल होटल की बिडिंग का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने दावा किया कि इस प्रक्रिया से हिमाचल प्रदेश सरकार को हर साल लगभग 37 करोड़ रुपये का सुनिश्चित राजस्व प्राप्त होगा। अगले 20 वर्षों के दौरान इस संपत्ति से प्रदेश के खजाने में तकरीबन एक हजार करोड़ रुपये की भारी धनराशि जमा होगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने अदालत में मजबूती से कानूनी लड़ाई लड़ी, जिसके परिणामस्वरूप इस बेशकीमती संपत्ति पर राज्य का अधिकार पुनर्स्थापित हुआ और सरकार को 401 करोड़ रुपये प्राप्त हुए।

लीला और ओबेराय समूह में कड़ा मुकाबला; 12 करोड़ की अग्रिम शर्त

होटल के संचालन व लीज की बिडिंग प्रक्रिया की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि इसमें देश के नामी हास्पिटेलिटी समूहों के बीच जबरदस्त प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। मुख्य मुकाबला द लीला होटल्स और ओबेराय समूह की फ्लैगशिप कंपनी ईआईएच के बीच रहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिडिंग प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता और वित्तीय सुरक्षा के साथ पूरा किया जा रहा है। बोली में विजेता बनने वाली कंपनी को औपचारिक प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए पहले 12 करोड़ रुपये की अग्रिम राशि सरकारी खाते में जमा करानी होगी। इस शर्त के विधिवत पूरा होने के बाद ही राज्य सरकार संबंधित कंपनी की बोली को अंतिम रूप से स्वीकार करेगी।

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