हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने बजट अभिभाषण के बाद भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा न तो प्राकृतिक आपदा के समय प्रदेश की जनता के साथ खड़ी हुई और न ही आरडीजी (राजस्व घाटा अनुदान) के मुद्दे पर राज्य सरकार का सहयोग किया। भाजपा का रवैया हमेशा प्रदेश विरोधी रहा है। भाजपा ने संवेदनशील मुद्दों पर भी राजनीति करने से परहेज नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने आरडीजी बहाली के प्रयासों में सहयोग नहीं किया, जबकि इसके बंद होने से हिमाचल को हर साल करीब 10 हजार करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। विधानसभा में बजट पेश करने के बाद पुस्तकालय में पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री सुक्खू ने अपने बजट को ऐतिहासिक करार देते हुए कहा कि पहली बार राज्य को आर्थिक संकट से उबारने के लिए वेतन में अस्थायी कटौती जैसा कड़ा फैसला लिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह निर्णय राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था खासतौर पर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से लिया गया है।
उन्होंने कहा कि सरकार अगले छह महीने तक सख्त वित्तीय अनुशासन अपनाएगी और हर स्तर पर खर्चों को संतुलित किया जाएगा। इसके बावजूद शिक्षा, स्वास्थ्य, लोक निर्माण और जल शक्ति जैसे अहम विभागों के बजट में कोई कटौती नहीं की गई है, ताकि विकास कार्य प्रभावित न हों।
मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि सरकार इस आर्थिक संकट का सामना “युद्ध स्तर” पर कर रही है और अगले वित्त वर्ष से प्रदेश की वित्तीय स्थिति में सुधार देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर हिमाचल के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए बजट में दीर्घकालिक योजनाओं पर विशेष जोर दिया गया है।



