किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को लाभकारी बनाने की दिशा में केंद्र सरकार की 10 हजार एफपीओ योजना के तहत अहम पहल की गई। क्लस्टर आधारित व्यावसायिक संगठन (सीबीबीओ) इमर्जिंग देहाती प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड (ईडीपीसीएल) द्वारा डा. वाईएस परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी में किसान उत्पादक कंपनियों (एफपीसीएस) के निदेशक मंडल (बीओडीएस) और मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओएस) के लिए एक दिवसीय क्षमता निर्माण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में करीब 90 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। प्रशिक्षण के दौरान फसल उत्पादन, पौध संरक्षण, सिंचाई प्रबंधन, मार्केट लिंकज और प्राकृतिक खेती जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने किसानों को बदलते समय के साथ उन्नत तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया।

विश्वविद्यालय के कुलपति डा. राजेश्वर सिंह चंदेल ने अपने संबोधन में कहा कि सतत विकास के लिए प्राकृतिक खेती और आधुनिक कृषि तकनीकों का समन्वय बेहद जरूरी है। उन्होंने एफपीओ को मजबूत कर किसानों को बाजार से सीधा जोड़ने पर बल दिया। तकनीकी सत्रों में विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों डा. पियूष मेहता, डा. सविता जंदैक, डा. भारती कश्यप, नवीन शर्मा, डा. केएस ठाकुर और डा. घनश्याम अग्रवाल ने उन्नत खेती, फसल सुरक्षा और टिकाऊ कृषि पद्धतियों पर व्यावहारिक जानकारी साझा की। इसके साथ ही फील्ड विजिट के माध्यम से प्रतिभागियों को आधुनिक तकनीकों का प्रत्यक्ष अनुभव भी कराया गया। कार्यक्रम का समापन निदेशक पल्लवी पटयाल ने किया। उन्होंने प्रशिक्षण के मुख्य बिंदुओं को साझा करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम एफपीओ को सशक्त बनाने और किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने में मील का पत्थर साबित होंगे।



