हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के नियमित और आउटसोर्स कर्मचारियों को अगस्त माह का वेतन समय पर न मिलने से गहरा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। इस मुद्दे को लेकर शुक्रवार को निगम कर्मचारी संघ की प्रदेश कार्यकारिणी की वर्चुअल बैठक आयोजित हुई, जिसमें वेतन भुगतान में हो रहे अनावश्यक विलंब पर गहरी चिंता जताई गई। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि 21 अगस्त बीत जाने के बावजूद कर्मचारियों को अब तक वेतन नहीं मिल पाया है। अधिकांश कर्मचारी अपनी आजीविका के लिए मासिक वेतन पर ही निर्भर हैं। वेतन रुकने से दैनिक खर्चे, बच्चों की स्कूल फीस, बैंक ऋण की मासिक किस्तें, बिजली-पानी के बिल और दवाओं का खर्च जुटाना मुश्किल हो गया है। हालात ऐसे बन गए हैं कि कई कर्मचारियों को अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए उधार लेना पड़ रहा है। संघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने निगम के प्रबंध निदेशक से मुलाकात कर स्थिति की गंभीरता से अवगत कराया और वेतन के लिए वित्तीय व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आग्रह किया।
50 करोड़ के विशेष पैकेज की मांग
कर्मचारी संघ ने प्रदेश सरकार और निगम प्रबंधन से मांग की है कि लंबित वेतन का तुरंत भुगतान किया जाए। इसके साथ ही, निगम की वित्तीय स्थिरता के लिए राज्य सरकार से लगभग 50 करोड़ का विशेष वित्तीय बेलआउट पैकेज जारी करने की मांग की गई है। संघ का कहना है कि इस पैकेज से निगम की देनदारियों का निपटारा हो सकेगा, वेतन समय पर सुनिश्चित होगा और पर्यटन इकाइयों व होटलों के संचालन व रखरखाव में कोई बाधा नहीं आएगी।



