Site icon Satluj Times

पेंशन से इनकार पर भड़का कारपोरेट सेक्टर, सीएम को याद दिलाया 2022 का चुनावी वादा

हिमाचल प्रदेश में कारपोरेट सेक्टर के कर्मचारियों को पेंशन न देने के मुख्यमंत्री के बयान ने तूल पकड़ लिया है। इस बयान से नाराज हिमाचल प्रदेश कारपोरेट सेक्टर समन्वय समिति और पेंशनर संयुक्त संघर्ष समिति ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कर्मचारी नेताओं ने मुख्यमंत्री पर वादाखिलाफी का सीधा आरोप लगाते हुए कहा है कि सरकार कारपोरेट कर्मचारियों की अनदेखी करने की भूल न करे। शिमला से जारी एक संयुक्त बयान में कारपोरेट सेक्टर समन्वय समिति के अध्यक्ष एवं पेंशनर संयुक्त संघर्ष समिति के उपप्रधान देवी लाल ठाकुर ने सीएम के बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है। उनके साथ अतिरिक्त महासचिव सफदर हुसैन, उपमहासचिव भूपेंद्र शर्मा, राज्य कार्यकारिणी सदस्य नरेंद्र चौहान और प्रदेश वित्त सचिव डीआर ठाकुर ने भी सुर में सुर मिलाते हुए सरकार को आड़े हाथों लिया है। अध्यक्ष देवी लाल ठाकुर ने कहा कि पेंशन बहाली के लिए वे मार्च 2027 तक का इंतजार करेंगे।

यदि तब तक सरकार ने सकारात्मक कदम नहीं उठाया, तो समिति अपनी अगली रणनीति तय करेगी और कड़ा संघर्ष किया जाएगा।समिति के नेताओं ने मुख्यमंत्री को याद दिलाया कि वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने खुद मंचों से कहा था कि वे क्लर्क से लेकर अधिकारियों और अन्य सभी कर्मचारियों को पेंशन देंगे। अब सत्ता में आने के बाद वह अपने ही वादे से मुकर रहे हैं, जो प्रदेश के हजारों कर्मचारियों और उनके परिवारों के साथ धोखा है। नेताओं ने आंकड़े पेश करते हुए स्पष्ट किया कि कॉरपोरेट सेक्टर में लगभग 6,730 सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं। इनमें से केवल 3,300 के आसपास ही ऐसे कर्मचारी हैं, जिन्हें पेंशन दी जानी है। समिति का दावा है कि राज्य सरकार इस वित्तीय भार को उठाने में पूरी तरह सक्षम है, लेकिन जानबूझकर आनाकानी की जा रही है।

Exit mobile version