राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता का कहना है कि लोक सेवा आयोग में पारदर्शिता और जवाबदेही से ही जनता का विश्वास मजबूत होता है। उन्होंने विशेष रूप से सूचना प्रौद्योगिकी आधारित प्रणालियों को अपनाने पर जोर दिया, ताकि परीक्षाओं और चयन प्रक्रिया को और अधिक सुगम और विश्वसनीय बनाया जा सके। प्रदेश में सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं को और अधिक पारदर्शी व प्रभावी बनाने की दिशा में हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग सक्रिय नजर आ रहा है। इसी कड़ी में मंगलवार को आयोग के अध्यक्ष कैप्टन रामेश्वर सिंह ठाकुर के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने कविन्द्र गुप्ता से लोकभवन में शिष्टाचार भेंट की।
बैठक के दौरान आयोग के अध्यक्ष ने राज्यपाल को परीक्षाओं के संचालन, भर्ती प्रक्रियाओं और विभिन्न विभागों में योग्य अभ्यर्थियों के चयन के लिए अपनाए जा रहे आधुनिक उपायों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आयोग पारदर्शिता, निष्पक्षता और दक्षता सुनिश्चित करने के लिए निरंतर सुधारात्मक कदम उठा रहा है। उन्होंने कहा कि एक निष्पक्ष भर्ती प्रणाली न केवल सुशासन को मजबूती देती है, बल्कि राज्य के समग्र विकास में भी अहम भूमिका निभाती है। बैठक में आयोग के सदस्य कर्नल राजेश कुमार शर्मा, डा. पवनेश शर्मा, प्रो. ममता मोक्टा, राखिल काहलों, सचिव निवेदिता नेगी और अतिरिक्त सचिव छवि नांटा भी मौजूद रहीं।
रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण के अध्यक्ष ने भी की मुलाकात
इसके बाद हिमाचल प्रदेश रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण के अध्यक्ष आरडी धीमान ने भी राज्यपाल से शिष्टाचार भेंट कर विभिन्न विषयों पर चर्चा की।



