राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) जिला शिमला द्वारा शहर के होटल लैंडमार्क में एक प्रमुख जन संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत वंदे मातरम् के साथ हुई, जिसमें समाज के विभिन्न वर्गों से जुड़े सैकड़ों प्रबुद्ध लोग शामिल हुए। इस अवसर पर संघ के सह सरकार्यवाह अरुण कुमार मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि संघ ने अपनी 100 वर्षों की यात्रा पूरी कर ली है और इस दौरान सेवा, समर्पण और राष्ट्र निर्माण के कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने बताया कि संघ की स्थापना डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने विजयदशमी 1925 को की थी, जिसका उद्देश्य भारत को मजबूत और संगठित बनाना था।
अरुण कुमार ने कहा कि संघ का मुख्य लक्ष्य हिन्दू समाज को संगठित, सशक्त और समर्थ बनाना है। संघ व्यक्ति निर्माण के माध्यम से राष्ट्र निर्माण का कार्य करता है। शाखाओं के जरिए ऐसे व्यक्तित्व तैयार किए जाते हैं, जो समाज और देश के लिए समर्पित रहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि देश की प्रगति के लिए समाज का एकजुट होना और सभी का सामूहिक प्रयास जरूरी है। संघ समाज में फैले भेदभाव को खत्म कर समरसता लाने के लिए कार्य करता है। उनके अनुसार, संघ केवल एक संगठन नहीं बल्कि एक राष्ट्रीय आंदोलन और स्वयंसेवकों के लिए जीवन शैली है।
कार्यक्रम के दौरान शिक्षा नीति, सामाजिक-आर्थिक स्थिति, महिला सहभागिता और वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई। उपस्थित लोगों के सवालों का संतोषजनक उत्तर दिया गया। अरुण कुमार ने जानकारी दी कि वर्तमान में देशभर में एक लाख से अधिक सेवा कार्य संचालित हो रहे हैं और इतने ही स्थानों पर शाखाएं व मिलन कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। संघ के स्वयंसेवक शिक्षा, सेवा, प्रशासन, खेल और अन्य क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
इस मौके पर प्रांत संघचालक डॉ. वीर सिंह रांगड़ा, विभाग संघचालक राजकुमार वर्मा, जिला संघचालक अजय सूद, सह क्षेत्र कार्यवाह डॉ. किस्मत कुमार, प्रांत प्रचारक संजय कुमार और डॉ. मुक्ता ठाकुर सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।

