शिमला में पिछले साल 25 सितंबर से बंद पड़ी उड़ान योजना के तहत हवाई सेवाएं अभी तक बहाल नहीं हुई हैं। प्रदेश सरकार उड़ानें फिर से शुरू करने की तैयारी में है, इसके लिए अलायंस एयर के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हो गए हैं। इस माह के अंत तक हवाई सेवाएं बहाल होने की संभावना है। शिमला से धर्मशाला के लिए एक ओर का किराया 3150 रुपये और दिल्ली से शिमला के लिए 6300 रुपये निर्धारित किया गया है।
उड़ान योजना के तहत पहले शुल्क दरें 2500 रुपये के आसपास थीं। दिल्ली से शिमला आते हुए उपदान वाली सीटों की संख्या 17 और शिमला से दिल्ली जहाज के जाते हुए उपदान वाली सीटों की संख्या 13 रहेगी। इसके अतिरिक्त 48 सीटर जहाज में एलायंस एयर प्रदेश के भीतर होने वाली हवाई उड़ानों का उपदान का खर्च प्रदेश सरकार को चुकाना होगा। एलायंस एयर की ओर से बिना सब्सिडी वाली सीट के लिए दिल्ली से शिमला के लिए 15 हजार रुपये किराया लिया जा रहा था। तीन साल के दौरान एलायंस एअर कंपनी हवाई सेवा प्रदान करने के लिए 6.70 लाख रुपये प्रति दिन का खर्च कर रही थी। अब ये खर्च बढ़कर 7.90 लाख प्रति दिन आंका गया है। 19 जनवरी को मंत्रिमंडल की बैठक में सरकार ने हवाई सेवा शुरू करने के लिए 31.75 करोड़ रुपये की वायबिलिटी गैप फंडिंग के तहत स्वीकृत की। पिछले तीन साल के दौरान वायबिलिटी गैप फंडिंग का खर्च 12 करोड़ रुपये था।
क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना के तहत दोबारा शुरू होगी हवाई सेवा
25 सितंबर, 2025 को उड़ान योजना के तहत तीन साल एलायंस एयर और हिमाचल सरकार के बीच में हुए करार की अवधि समाप्त होने के बाद हवाई सेवा बंद हो गई थी। पुन: हवाई सेवा शुरू करने के लिए प्रदेश सरकार का एलायंस एयर के साथ करार हो गया है। दिल्ली से शिमला के बीच में सब्सिडी वाली सीटों का खर्च केंद्र सरकार उठाएगी।
शिमला-धर्मशाला के बीच में सभी सीटें सब्सिडी वाली
शिमला से धर्मशाला के बीच में हवाई सेवा शुरू होने पर सभी 48 सीटें सब्सिडी वाली होंगी। इसकी प्रत्येक सीट पर होने वाला खर्च प्रदेश सरकार वायबिलिटी गैप फंडिंग की धनराशि के तहत अलायंस एयर को भुगतान करेगी। दिल्ली-शिमला के पहले 3300 रुपये प्रति सीट किराया था, जो अब 6300 रुपये प्रति सीट है। शिमला-धर्मशाला के पहले 1214 रुपये था, जोकि अब 3150 रुपये तय हुआ है।

