महिला सम्मान निधि के मुद्दे पर कांग्रेस के वार पर भाजपा ने पलटवार किया है। महिला सम्मान निधि के मुद्दे पर भाजपा महामंत्री त्रिलोक जम्वाल ने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने अपने बजट भाषण में महिला सम्मान निधि की घोषणा नहीं की। सम्मान निधि लागू करने को लेकर सरकार की नियत में खोट न होने की स्थिति में मुख्यमंत्री बजट में इसकी घोषणा करते। मगर ऐसा नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि दरअसल कांग्रेस विधान सभा चुनाव की तर्ज पर लोक सभा के चुनावी दंगल में भी महिला मतदाताओं को गुमराह करने के प्रयास में है। अन्यथा कांग्रेस ने विधान सभा चुनाव में भी महिला सम्मान निधि को
लेकर एक ब्लू फार्म महिला मतदाताओं से भरवाया। मगर सम्मान निधि नहीं मिली। जमवाल ने कहा कि महिला विरोधी तो केवल मात्र कांग्रेस पार्टी है , जहां उनके वरिष्ठ नेताओं के बयान इस बात का सबूत देते हैं और उनके मुख्यमंत्री एवं सरकार इस बात की पुष्टि करती है। अगर उनकी नियत सही होती तो पहले से सरकार बनते ही यह प्रति महा 1500 रुपए महिलाओं को कांग्रेस सरकार देना शुरू कर देती। पर उनकी नियत ही साफ नहीं थी, नियत में खोट था । यही वजह है कि महिला सम्मान निधि को पहली कैबिनेट बैठक में लागू नहीं किया ।
उन्होंने कहा कि महिला सम्मान निधि के मुद्दे पर मुख्यमंत्री की नियत साफ होने की स्थिति में बजट में इसका ऐलान किया जाना चाहिए था। मगर सरकार ने बजट में इस योजना के लिए धन का प्रावधान नहीं किया। बजट सत्र के समाप्त होते ही महिलाओं को 1500 रुपए देने की घोषणा कर दी। उन्होंने कहा कि घोषणा में भी यह पारदर्शिता नहीं कि किसी महिला को 1500 रुपए मिलेंगे और किसको नहीं। अगर लेंस लगाकर देख तो पता लगता है कि केवल मात्र जिन महिलाओं को पहले से ही स्वावलंबन राशि मिल रही थी उन्हीं को ही इस घोषणा का लाभ होगा।
जहां प्रदेश में 22 लाख महिलाएं हैं और 27 लाख महिला वोटर है , वहां केवल मात्र 5 लाख महिलाओं की बात करना ठीक नहीं है। लिहाजा हमारा मानना कि कांग्रेस भाजपा को कोसना बंद कर अपने काम पर फोकस करे।

