Site icon Satluj Times

बिजली महादेव रोपवे प्रोजेक्ट पर एनजीटी सख्त

हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल बिजली महादेव में बन रही 2.4 किमी लंबी रोपवे परियोजना मामले में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने गंभीर पर्यावरणीय चिंताओं को देखते हुए गुरुवार को महत्वपूर्ण आदेश जारी किए। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य डा. ए. सेंथिल वेल की पीठ ने स्पष्ट किया कि पर्यावरणीय नियमों के अनुपालन में किसी भी प्रकार की ढिलाई को गंभीरता से लिया जाएगा।

इस संबंध में सुनवाई 13 नवंबर को हुई थी। दोनों में परियोजना से जुड़े पर्यावरणीय नियमों के उल्लंघन का मुद्दा उठाया गया है। इस मामले की अगली सुनवाई 27 नवंबर को होगी। जिसमें परियोजना प्रस्तावक द्वारा दाखिल जवाब और पर्यावरणीय पहलुओं पर आगे की सुनवाई होगी। इस मामले की सुनवाई के दौरान आवेदकों की ओर से बताया गया कि रोपवे का निर्माण रवि इन्फ्राबिल्ड प्रोजेक्ट्स लिमिटेड, उदयपुर (राजस्थान) द्वारा किया जा रहा है। आवेदकों ने परियोजना प्रस्तावक को भी प्रतिवादी बनाने की मांग की, जिसे पीठ ने स्वीकार कर लिया। अब परियोजना कंपनी से भी पर्यावरणीय मानकों के पालन पर जवाब तलब होगा।

प्रतिवादी पक्षों में हिमाचल सरकार, वन विभाग, सीपीसीबी और पर्यावरण मंत्रालय की ओर से इस मामले में पहले से दाखिल जवाबों को रिकार्ड में लिया गया। कई प्रतिवादियों ने बताया कि वे संलग्न मामले के जवाब को स्वीकार कर रहे हैं। सुनवाई के दौरान आवेदकों ने एक सप्ताह का समय मांगते हुए कहा कि उन्हें संशोधित पक्षकार सूची दाखिल करनी है और नए प्रतिवादी को नोटिस भेजना है। पीठ ने यह अनुरोध स्वीकार करते हुए एक सप्ताह की मोहलत दी है।

Exit mobile version