हिमाचल प्रदेश में सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार में राजस्व और जनजाति मामलों के मंत्री जगत सिंह नेगी ने प्रदेश के पूर्व राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल पर तीखा हमला बोला है। जगत सिंह नेगी ने राज्यपाल के कार्यकाल को प्रदेश की जनजातीय क्षेत्र के लोगों के लिए नाइंसाफी वाला कार्यकाल बताया। उन्होंने कहा कि नौतोड़ मामले में राज्यपाल ने मंजूरी न देकर सीमावर्ती क्षेत्र में रह रहे जनजातीय लोगों के साथ अन्याय किया। उन्होंने कहा कि पूर्व राज्यपाल का हिमाचल में वर्क कल्चर वाला बयान संवैधानिक पद पर होते हुए गैर जिम्मेदाराना था। सचिवालय में मीडिया से बात करते हुए जगत सिंह नेगी ने कहा कि राज्यपाल जनजातीय क्षेत्रों के संरक्षक होते हैं। संविधान के भारत के संविधान अनुच्छेद 6 के तहत राज्यपाल को जनजातीय क्षेत्रों के लिए विशेष अधिकार प्राप्त होते हैं। मैंने जनजातीय क्षेत्रों में भूमिहीन लोगों को भूमि देने के लिए प्रयास किए। शेड्यूल-5 क्षेत्रों में 1980 के वन संरक्षण अधिनियम में छूट देने की मांग भी की थी। शुक्ल से पहले रहे पूर्ववर्ती राज्यपालों ने ऐसी मांगों को मंजूरी दी थी, जिसके चलते जनजातीय क्षेत्रों में लोगों को भूमि मिलती रही। नेगी ने आरोप लगाया कि वह इस मुद्दे को लेकर पूर्व राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल से आठ बार मिलने गए। लेकिन, तीन साल से लंबित नौतोड़ के मामले में कोई प्रगति नहीं हुई। उन्होंने कहा कि वह नौवीं बार मिलने की कोशिश करते रहे, लेकिन राज्यपाल टिप्पणी करके चले गए।
तीसरे मोर्चे को लेकर नेगी का तंज ‘बाजार में मिलते हैं जिताऊ उम्मीदवार!
वहीं, प्रदेश में तीसरे मोर्चे की चर्चा पर नेगी ने तंज करते हुए कहा कि क्या बाजार में जिताऊ उम्मीदवार मिलते हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के भीतर उथल-पुथल चल रही है तो ऐसा भी संभव है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में किसी को भी राजनीतिक दल बनाने और चुनाव लड़ने की आजादी है। उधर तीसरे मोर्चे से कांग्रेस को नुकसान होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह देखना होगा कि उस मोर्चे में कौन-कौन शामिल होता है।
ममता बैनर्जी शेरनी, संविधान की रक्षा की लड़ाई लड़ रही सरकार
नेगी ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश पर ढाई लाख करोड़ से ज्यादा का ऋण हो गया है। पीएम मोदी की गलत नीतियों से देश को आर्थिक नुकसान हो रहा है और आज देश में गैस सिलेंडर की कमी हो गई है। इसके अलावा पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति के प्रोटोकाल उल्लंघन के मुद्दे पर बोलते हुए जगत सिंह नेगी ने आरोप लगाया कि भाजपा अपने ही राष्ट्रपति का सम्मान नहीं करती। प्रेस वार्ता में एक तस्वीर दिखाते हुए उन्होंने दावा किया कि राष्ट्रपति को खड़ा रखकर प्रधानमंत्री मोदी कुर्सी पर बैठे थे। नेगी ने कहा कि शायद जनजातीय समुदाय से आने के कारण राष्ट्रपति को खड़ा रखा गया। उन्होंने मानता बैनर्जी का समर्थन करते हुए कहा कि ममता बनर्जी शेरनी हैं और लोकतंत्र की रक्षा की लड़ाई लड़ रही हैं।



