राज्य के सरकारी स्कूलों में शैक्षणिक योग्यता पूरी ना करने वाले पीटीए शिक्षकों को हटाने के निर्देश जारी कर दिए हैं। निदेशक प्रारंभिक शिक्षा विभाग आशीष कोहली की ओर से इस सम्बंध में सभी जिलों के उप निदेशक को पत्र जारी कर करवाई के लिए कहा है। शिक्षा विभाग ने कई बार शिक्षकों को शैक्षणिक योग्यता पूरी करने का समय दिया था। इन्हें
बीएड, टेट पास सहित स्नातक में 50 फीसदी अंक की शर्त है। जब इन्हें नियमित किया गया था तब भी ये शर्त लगाई थी। जो इसे पूरा नहीं करते थे उन्हें नियमित नहीं किया गया और ग्रांट इन एड के तहत मानदेय जारी किया जा रहा है।हाल ही में विभाग ने उच्च और प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने जिला उपनिदेशकों से शिक्षकों की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता का ब्योरा तलब किया था।
साल 2014 में गठित हाई पावर कमेटी ने साल 2010 से पूर्व नियुक्त पीटीए शिक्षकों को न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता पूरी करने के लिए अगस्त 2016 तक मौका दिया था। उसके बाद कई बार इसे बढ़ाया गया। सरकार ने पीटीए के तहत रखे गए लेक्चरर के लिए शैक्षणिक योग्यता एमए और बीएड रखी है। इसके अलावा सीएंडवी शिक्षकों का शास्त्री में डिप्लोमा अनिवार्य है।

