चंडीगढ़ में हिमाचल की 7.9 प्रतिशत हिस्सेदारी Satlujtimes Staff 4 months ago चंडीगढ़ प्रशासन में पंजाब-हरियाणा कर्मचारियों का 60:40 अनुपात, हिमाचल अब भी वंचित मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू उत्तर क्षेत्रीय परिषद (एनआरसी) की 17 नवंबर को सूरजकुंड (हरियाणा) में होने वाली बैठक में भाग लेने के लिए शुक्रवार को फरीदाबाद पहुंच गए हैं। बैठक में हिमाचल प्रदेश की ओर से इस बार तेवर सख्त रहने के आसार हैं। पंजाब पुनर्गठन अधिनियम-1966 के तहत चंडीगढ़ में हिमाचल प्रदेश को 7.9 प्रतिशत वैधानिक हिस्सेदारी मिलनी चाहिए। पंजाब पुनर्गठन अधिनियम-1966 के तहत चंडीगढ़ में पंजाब की 60 प्रतिशत, हरियाणा की 32.1 प्रतिशत व हिमाचल प्रदेश की 7.9 प्रतिशत हिस्सेदारी है। लेकिन पंजाब चंडीगढ़ में हिमाचल को भूमि संबंधी हिस्सेदारी लेने नहीं देता है। लेकिन राज्य को अब तक उसका हक नहीं मिला है। हिमाचल सरकार ने इस मुद्दे को कई बार केंद्र के समक्ष उठाया है, परंतु समाधान नहीं निकल पाया। अब मुख्यमंत्री सुक्खू इस विषय को गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में एक बार फिर पूरी मजबूती के साथ रखने जा रहे हैं। {{#message}}{{{message}}}{{/message}}{{^message}}Your submission failed. The server responded with {{status_text}} (code {{status_code}}). Please contact the developer of this form processor to improve this message. Learn More{{/message}}{{#message}}{{{message}}}{{/message}}{{^message}}It appears your submission was successful. Even though the server responded OK, it is possible the submission was not processed. Please contact the developer of this form processor to improve this message. Learn More{{/message}}Submitting… सरकार का कहना है कि चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश होने के बावजूद पंजाब पुनर्गठन अधिनियम के अनुसार हिमाचल की वैधानिक हिस्सेदारी स्पष्ट रूप से निर्धारित है। इसके बावजूद प्रशासनिक एवं वित्तीय हिस्सेदारी को लेकर हिमाचल को उसका अधिकार नहीं मिला है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री सुक्खू बैठक में इन दोनों विषयों पर केंद्र से स्पष्ट, समयबद्ध समाधान की मांग करेंगे। प्रदेश सरकार का मानना है कि चंडीगढ़ में हिमाचल की हिस्सेदारी केवल अधिकार का प्रश्न ही नहीं, बल्कि क्षेत्रीय संतुलन और संवैधानिक प्रावधानों के पालन का विषय भी है। एनआरसी बैठक में सीमावर्ती राज्यों से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी चर्चा होगी, परंतु हिमाचल के लिए चंडीगढ़ हिस्सेदारी और कर्मचारी प्रतिनिधित्व दो प्रमुख प्रश्न रहने वाले हैं। इसके साथ ही चंडीगढ़ प्रशासन में कर्मचारियों की हिस्सेदारी का मुद्दा भी हिमाचल सरकार उठाएगी। वर्तमान में चंडीगढ़ प्रशासन में पंजाब सरकार के 60 प्रतिशत और हरियाणा सरकार के 40 प्रतिशत कर्मचारी कार्यरत हैं, जबकि हिमाचल प्रदेश को इसमें किसी भी प्रकार की हिस्सेदारी नहीं दी गई है। हिमाचल का तर्क है कि जब अधिनियम के तहत राज्य की भागीदारी तय है तो कर्मचारी संरचना में भी समानुपातिक प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। {{#message}}{{{message}}}{{/message}}{{^message}}Your submission failed. The server responded with {{status_text}} (code {{status_code}}). Please contact the developer of this form processor to improve this message. Learn More{{/message}}{{#message}}{{{message}}}{{/message}}{{^message}}It appears your submission was successful. Even though the server responded OK, it is possible the submission was not processed. Please contact the developer of this form processor to improve this message. Learn More{{/message}}Submitting…