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होमस्टे को लेकर सरकार की नई नीति

नई होम स्टे नीति में स्पष्ट किया गया है कि कमरों का आकार 120 वर्ग फीट होना चाहिए। सिंगल व डबल बेडरूम के लिए कमरे का आकार चिंहित किया गया है। इसके अतिरिक्त बाथरुम-शौचालय 30 वर्ग फीट में निर्मित होना चाहिए। यदि किसी होम स्टे संचालक ने इससे छोटे कमरों के साथ होम स्टे चलाया हुआ था, तो अब वह नए नियमों के तहत होम स्टे नहीं चला पाएगा। प्रदेश सरकार की ओर से स्वीकृत नई होम स्टे नीति-2025 में 18 मानकों का पालन अनिवार्य किया गया है, इतनी ही संख्या में वांछित शर्तें रखी गई हैं। तभी नए नियमों के तहत होम स्टे का पंजीकरण होगा, अन्यथा राज्य पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग होम स्टे में पंजीकरण नहीं करेगा। होम स्टे पंजीकरण की प्रक्रिया दो मार्च के बाद शुरू होगी।

इसके भीतर सरकार की ओर से होम स्टे नियम-2025 को लेकर जनमानस से आपत्तियां व सुझाव मांगे गए हैं। फार्म हाउस, बगीचों व चाय बागान में भी होम स्टे चला सकेंगे। सरकार ने नई होम स्टे नीति को राजपत्र में प्रकाशित कर दिया है। इस संबंध में प्रधान सचिव पर्यटन देवेश कुमार की ओर से अधिसूचना जारी की गई है। इसके तहत पंजीकरण शुल्क व नवीकरण शुल्क निर्धारित किया गया है। यदि कोई एक साथ तीन साल का पंजीकरण शुल्क या नवीरकण शुल्क चुकाना चाहता है तो उसे दस प्रतिशत की छूट प्राप्त होगी। इसी तरह से किसी महिला संचालक को पांच प्रतिशत की छूट रहेगी।

अनिवार्यता

18 शर्तों के तहत कोई भी होम स्टे तभी पंजीकृत हो पाएगा। जिसके पास 120 वर्ग फीट से लेकर 100 वर्ग फीट के आकार का सिंगल व डबल बेडरुम होगा। कमरों के साथ 30 वर्ग फीट का बाथरुम-शौचालय होना चाहिए। इसके अलावा अन्य अनिवार्य मापदंडों के तहत पीने के पानी के लिए आरओ, एक्वागार्ड लगा होना चाहिए। नगर निगम व नगर निकाय के नियमों के अनुसार कूंडा निस्तारण की व्यवस्था होनी चाहिए। कमरों में टाइल्स, मार्बल फ्लोरिंग होनी चाहिए। कमरों में सीलन न हो, फर्स्ट एड की सुविधा के साथ चिकित्सक का नाम, मोबाइल नंबर लिखा होना चाहिए। होम स्टे में आगंतुक पुस्तिका उपलब्ध रखनी होगी ताकि उसपर फीडबैक दिया जा सके। परिसर क्षेत्र में निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरा लगे होने चाहिए।

वांछित

होम स्टे में वाहनों को खड़ा करने की सुविधा रहे। होम स्टे में जल संग्रह टैंक होना चाहिए। सुरक्षा की दृष्टि से सुरक्षा गार्ड होना चाहिए। कमरों में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध रहे। मेहमान को ठंडा व गर्म पानी उपलब्ध रहे। किसी भी होम स्टे संचालक को पुलिस स्त्यापन प्रमाण पत्र, पर्यटन विभाग के समकक्ष अधिकारी का अंडरटेकिंग पत्र उपलब्ध करवाना होगा।

नई नीति के तहत कमरों का पंजीकरण करवाने के लिए शुल्क निर्धारित किया गया है। यदि किसी संचालक के पास कमरों की संख्या 4 से 6 है तो उसे नगर निगम परिधि में 12 हजार रुपये और कमरों की संख्या तीन होने पर 8 हजार शुल्क चुकाना पड़ेगा। इसके अलावा टीसीपी, साडा, नगर परिषद, नगर पंचायत में शुल्क 5 हजार से 8 हजार रहेगा और पंचायत क्षेत्र में शुल्क 3 हजार से 6 हजार रहेगा। होम स्टे का नवीकरण करवाने की स्थित में शुल्क पंजीकरण शुल्क के समान ही होगा।

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