जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार ने अमानवीयता की सारी हदें पार कर दी हैं। पढ़ रहे युवाओं को परेशान कर रही है। प्राइवेट कॉलेज के पास की क़ीमत को भी सरकार ने बढ़ाकर डेढ़ गुना कर दी है। टीईटी और डीएलएड की प्रवेश परीक्षा फ़ीस में दोगुना की वृद्धि कर दी है। क़र्ज़ लेने में सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए गए। ऐसी राजस्व बर्बादी आज तक किसी सरकार ने नहीं की होगी। इतनी फ़िज़ूलखर्ची के बाद अब राजस्व जुटाने के लिए सरकार अब बेरोज़गारों से वसूली करना चाहती है। इससे दुर्भाग्यपूर्ण क्या हो सकता है। बीमार लोगों के इलाज और सहारा पेंशन को रोक कर राजस्व वृद्धि का सरकार का फार्मूला आश्चर्यचकित करने वाला है।
बेरोज़गारों की फ़ीस बढ़ा कर राजस्व बढ़ाना चाहती है सरकार

