Site icon Satluj Times

ट्रेडमार्क, पेटेंट, कापीराइट व जीआई टैगिंग पर रहे फोकस: आरडी नजीम

सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई) भारत सरकार के सहयोग से पीएचडी चैंबर आफ कामर्स एंड इंडस्ट्री (पीएचडीसीसीआई) ने गुरुवार को शिमला में दो दिवसीय राष्ट्रीय स्तरीय ‘आईपी यात्रा’ का शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य उद्यमियों, स्टार्टअप्स और एमएसएमई में बौद्धिक संपदा अधिकार के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि अतिरिक्त मुख्य सचिव (खाद्य, नागरिक आपूर्ति, उपभोक्ता मामले, परिवहन एवं उद्योग विभाग) आरडी नजीम ने किया।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं द्वारा नवाचार आधारित समाधान जैसे प्रदूषण नियंत्रण, हरित ऊर्जा और प्लास्टिक कचरा प्रबंधन से उद्योगों को नई दिशा मिली है। उन्होंने युवाओं से अधिक अनुसंधान एवं विकास पर बल देते हुए कहा कि नवाचार की रफ्तार धीमी हो रही है, युवाओं को फिर से प्रयोग और सृजन की भावना जगानी होगी।

नजीम ने कहा कि डिजिटल युग में ट्रेडमार्क और कापीराइट सुरक्षा किसी भी उत्पाद जितनी ही जरूरी हो गई है। उन्होंने राज्य सरकार की वन डिस्ट्रिक्ट वन ग्रीन प्रोडक्ट और पब्लिक-प्राइवेट कम्युनिटी पार्टनरशिप जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि ये योजनाएं स्थानीय उद्योगों को प्रोत्साहन और पारंपरिक ज्ञान की सुरक्षा में अहम भूमिका निभा रही हैं।

पीएचडीसीसीआई के रेजिडेंट डायरेक्टर अनिल सौंखला ने कहा कि आईपी यात्रा केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि उद्यमियों को सशक्त बनाने का आंदोलन है। सत्र का संचालन कंचन जुत्शी, निदेशक, पीएचडीसीसीआई ने किया। उन्होंने कुल्लू शाल और कांगड़ा टी जैसे हिमाचली उत्पादों के जीआई टैग का उदाहरण देते हुए स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में डा. एचपी कुमार, पूर्व एमडी, एनएसआईसी, तथा पार्थ अशोक, सहायक निदेशक, एमएसएमई-डीएफओ सोलन सहित अन्य विशेषज्ञों ने बौद्धिक संपदा संरक्षण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। तकनीकी सत्र में शाक्षी अग्रवाल और हनीत पप्रेजा ने उभरती चुनौतियों और अवसरों पर प्रेजेंटेशन दिए।

Exit mobile version