हिमाचल प्रदेश चिकित्सा अधिकारी संघ ने दो टूक कह दिया है कि कोरे आश्वासन से कुछ नहीं होगा और ढ़ाई घंटे की पेन डाउन स्ट्राइक के साथ सात मार्च को एक दिन के सामूहिक अवकाश पर सभी चिकित्सक जाएंगे। चिकित्सकों को काले बिल्ले लगाते हुए 45 दिन हो चुके हैं और पेन डाउन के 13 दिन हो चुके हैं अभी तक भी चिकित्सकों की मांगों का कोई हल नहीं निकला है। चिकित्सकों की मुख्य मांगों में एनपीए यानी नान प्रैक्टिस एलाउंस का जारी किया जाना और पदोन्नति के साथ अन्य मांगें हैं।
शनिवार को प्रदेश चिकित्सा अधिकारी संघ का प्रतिनिधिमंडल स्वास्थ्य मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल से मिला लेकिन वहां पर भी कोरे आश्वासन और कमेटी के गठन किया गया। चिकित्सक साफ तौर पर कह रह हैं कि काम को लटकाना है तो कमेटी बना दो बाकी करना कुछ नहीं है। सोमवार को भी चिकित्सकों की पेन डाउन स्ट्राइक जारी रहेगी। सुबह 9.30 बजे 12 बजे तक चिकित्सक ओपीडी का बहिष्कार करेंगे और मरीजों को नहीं देखेंगे। संघ ने कहा कि उन्हें गुमराह किया जा रहा है और मांगें नहीं मानी जा रही है। मेडिकल कालेज में भी वरिष्ठ स्वास्थ्य अधीक्षक की शक्तियों को लौटाने को कहा था लेकिन इस बात का कोई भी ब्योरा मिनट्स ऑफ़ मीटिंग में नहीं है जो मुख्यमंत्री के साथ हुई थी।
जो आश्वासन दिए वो भी नहीं हुए पूरे
-डेढ़ साल से कोई भी खंड चिकित्सा अधिकारी की पदोन्नति नहीं हुई जबकि 50 प्रतिशत से अधिक पद रिक्त
-डेढ़ साल से खाली चल रहे स्वास्थ्य संस्थानों में पदों को नहीं भरा गया
-2016 से अब तक चिकित्सकों की वरिष्ठता सूची नही बन पा रही
-पीजी पॉलिसी की कमेटी ने पालिसी में संशोधन के लिए कोई भी बैठक नहीं की
-प्रदेश में अनुबंध में कार्यरत चिकित्सकों को ग्रेड पे का 150 प्रतिशत मानदेय अब तक प्राप्त नहीं हुआ

