प्रदेश सरकार सामाजिक कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार ने इसके मद्देनजर हिमाचल प्रदेश मूल्य परिवर्धित कर संशोधन अधिनियम-2026 को विधानसभा में पारित किया है। इसमें जरूरतमंद वर्गों, विशेषकर विधवाओं व अनाथ बच्चों के कल्याण के लिए विशेष प्रविधान किए गए हैं। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने बताया है कि सरकार अतिरिक्त वित्तीय संसाधन जुटाने के लिए पेट्रोल और डीजल पर 5 रुपये प्रति लीटर तक सेस लगाएगी। यह सेस पेट्रो पदार्थों की बिक्री करने वाले व्यापारियों से लिया जाएगा, जबकि आम उपभोक्ताओं पर इसका कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा। इस सेस से प्राप्त राशि का उपयोग विधवाओं, अनाथ बच्चों सहित अन्य जरूरतमंद वर्गों के कल्याण के लिए किया जाएगा, ताकि उन्हें आर्थिक सहायता और सामाजिक सुरक्षा मिल सके।
सरकार का कहना है कि इस कदम से आम जनता पर बोझ डाले बिना सामाजिक योजनाओं को मजबूती मिलेगी और लाभ सीधे पात्र लोगों तक पहुंचाया जा सकेगा। यह पहल प्रदेश में सामाजिक न्याय को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम कदम है। भाजपा जैसे आरडीजी के पक्ष में प्रदेश के साथ खड़ी नहीं हुई। अब वैसे ही इस सेस को लेकर भी जनता में भ्रम फैला रही है कि यह पेट्रो सेस आम उपभोक्ताओं से वसूला जाएगा। जबकि संशोधन विधेयक में स्पष्ट है कि यह सेस व्यापारियों से वसूला जाएगा।



