हिमाचल प्रदेश में पर्यटन क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए सरकार ने 2350 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी परियोजनाएं शुरू की हैं। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने सोमवार को एशियन विकास बैंक (एडीबी) के सहयोग से संचालित पर्यटन विकास परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि राज्य को पर्यटन के क्षेत्र में ‘ब्रांड हिमाचल’ के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य तय किया गया है। एडीबी के सहयोग से ट्रेंच-1 के तहत 1620 करोड़ रुपये और ट्रेंच-2 के तहत 730 करोड़ रुपये की परियोजनाएं विकसित की जा रही हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में विश्व-स्तरीय गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए और सभी परियोजनाएं तय समय सीमा में पूरी हों। इस अवसर पर प्रधान सचिव पर्यटन देवेश कुमार, सचिव आशीष सिंहमार, निदेशक पर्यटन विवेक भाटिया, परियोजना निदेशक (एडीबी प्रोजेक्ट्स) विवेक महाजन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
कांगड़ा को बनाया जा रहा पर्यटन राजधानी
जिला कांगड़ा को प्रदेश की पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित किया जा रहा है। पालमपुर और नगरोटा बगवां में 77.70 करोड़ रुपये की परियोजनाएं क्रियान्वित हैं। पालमपुर में एचआरटीसी बस स्टैंड के पास मल्टीलेवल पार्किंग, पुरानी सब्जी मंडी के निकट पार्किंग, कैफे-कॉफी शॉप, पुस्तकालय व रीडिंग रूम, न्यूगल कैफे का जीर्णोद्धार और विभिन्न सड़कों का सुधार कार्य शामिल है। नगरोटा बगवां में सड़कों का सुदृढ़ीकरण, ड्रेन व डक्ट निर्माण, पुराने बस अड्डे का सौंदर्यकरण, क्लाक टावर, गांधी ग्राउंड, नारदा-शारदा मंदिर, मटौर गार्डन, बरोह, मेला ग्राउंड व गुरुद्वारा श्री पौड साहिब परिसर के विकास कार्य प्रगति पर हैं।
धार्मिक और साहसिक पर्यटन को बढ़ावा
हमीरपुर के श्री बाबा बालक नाथ मंदिर परिसर में 51.09 करोड़ रुपये की लागत से अधोसंरचना विस्तार और सौंदर्यीकरण कार्य किए जा रहे हैं। धर्मशाला में 33.78 करोड़ रुपये से आइस व रोलर स्केटिंग रिंक, कुल्लू में 20.57 करोड़ रुपये और मनाली में 36.19 करोड़ रुपये की लागत से वेलनेस सेंटर विकसित हो रहे हैं। इसके अलावा कुल्लू स्थित ऐतिहासिक नग्गर कैसल के संरक्षण व जीर्णोद्धार पर 8.63 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। शिमला व मनाली में आइस स्केटिंग रिंक, नादौन (हमीरपुर) में राफ्टिंग कॉम्प्लेक्स, कालेश्वर महादेव मंदिर (कून्हा) में जन-सुविधाएं, साहसिक खेल केंद्र व छात्रावास और नगरोटा बगवां में म्यूजिकल फाउंटेन जैसी परियोजनाएं भी एडीबी के सहयोग से विकसित की जाएंगी।
कनेक्टिविटी पर भी फोकस
पर्यटन को गति देने के लिए कनेक्टिविटी और आधारभूत ढांचे का विस्तार किया जा रहा है। विभिन्न हेलीपोर्ट का निर्माण कार्य जारी है और कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार की प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है। इससे प्रदेश में पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार व स्वरोजगार के अवसर सृजित होंगे।
बैठक में हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष आरएस बाली ने पर्यटन विकास बोर्ड के तहत चल रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी दी और सुझाव प्रस्तुत किए।

