मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आरोप लगाया है कि भाजपा श्रीराम मंदिर चंदा चोरी, नीट पेपर लीक, ई-20 ईंधन और महंगाई जैसे मुद्दों से जनता का ध्यान हटाना चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस कारण भाजपा राष्ट्रगान तक का अपमान कर रही है, जिसको कांग्रेस किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं करेगी। विधानसभा की कार्यवाही स्थगित होने के बाद नारेबाजी करते हुए सदन से बाहर निकले मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने पत्रकारों से बातचीत में आरोप लगाया कि कई गुटों में बंटी भाजपा को रास्ता नजर नहीं आ रहा है।
इस समय विपक्ष दिशाहीन व बेलगाम है। उन्होंने कहा कि भाजपा उस राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी पर सवाल उठाती है, जिसके नेताओं ने आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति दी तथा बाद में इंदिरा गांधी और राजीव गांधी ने प्रधानमंत्री पद पर रहते हुए अपना बलिदान दिया। भाजपा की तरफ से सदन में सत्र के पहले दिन जो कुछ किया गया, उससे विधानसभा अध्यक्ष भी आहत हुए हैं और उनके पास कार्यवाही स्थगित करने के अलावा दूसरा विकल्प नहीं बचा था। यहां सवाल सदन की गरिमा और उच्च संवैधानिक परंपराओं का है, जिसका निर्वहन करते हुए कार्यवाही शुरू हुई। यह बड़े अफसोस की बात है कि भाजपा ने राष्ट्रगान का विरोध किया। इस कारण उनको अपने मंत्रियों के साथ विरोध में उतरना पड़ा है। उन्होंने कहा कि सदन में उसी राष्ट्रगान को गाया गया, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी गाते हैं।
विधानसभा में सत्तारूढ़ कांग्रेस ने राष्ट्र गीत न गाकर अपमान किया: विपिन सिंह परमार
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं भाजपा विधायक विपिन सिंह परमार ने विधानसभा की कार्यवाही स्थगित होने के बाद पत्रकारों से बातचीत में आरोप लगाया कि कांग्रेस ने राष्ट्र गीत का अपमान किया है। उन्होंने कहा कि जिस राष्ट्र गीत को लेकर संसद से कानून पारित हो चुका है, उसको स्वीकार करना हर भारतवासी का कर्तव्य है। स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त को इसका सभी जगह गायन हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसा किया जाना राष्ट्रद्रोह के बराबर है। देश संविधान से चलेगा, न कि कांग्रेस वर्किंग कमेटी के फरमान से आगे बढ़ेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि वंदे मातरम् के साथ काट-छांट बर्दाश्त नहीं होगी तथा मुख्यमंत्री को संसद में बने कानून का सम्मान करना चाहिए।
सदन नियमों और परिपाटी के साथ-साथ स्थापित परंपराओं से चलता है: कुलदीप सिंह पठानिया
विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया का कहना है कि सदन नियमों और परिपाटी के साथ-साथ स्थापित परंपराओं से चलता है। सदन के भीतर जो भी कार्यवाही होती है वह हमारा विशेषाधिकार है और अध्यक्ष नियमों तथा उन्हें प्रदत्त संवैधानिक शक्तियों के मुताबिक ही इसका संचालन करते हैं। मैं भी यही कर रहा हूं। अगर कोई सदस्य अपने नजरिए से सदन को चलवाना चाहे तो संभव नहीं। कुलदीप सिंह पठानिया शुक्रवार को विधानसभा की कार्यवाही स्थगित होने के बाद मीडिया से बातचीत कर रहे थे। सदन की कार्यवाही राष्ट्रगान के साथ ही शुरू होती है और समापन राष्ट्रगीत के साथ होता है। उन्होंने कहा कि मानसून सत्र के पहले दिन ही राष्ट्र गान के साथ कार्यवाही शुरू हुई।
इसके पश्चात शोकोद्गार होने थे। लेकिन विपक्ष के सदस्य राष्ट्र गीत का मुद्दा उठाने लगे। उन्होंने कहा कि सदन के नियम और प्रक्रियाएं आम सहमति से बनती हैं। विपक्ष के सदस्य नए नियम नहीं बनाएंगे। उन्होंने कहा कि मेरे द्वारा बार-बार व्यवस्था दिए जाने के बावजूद विपक्ष के सदस्य शांत नहीं हुए। आज नेता प्रतिपक्ष भी सदन में नहीं थे। हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही का संचालन मुश्किल था। ऐसे में शनिवार सुबह 11 बजे तक इसे स्थगित किया गया है। उन्होंने कहा कि संसद ने राष्ट्र गीत के गायन को लेकर नया कानून बनाया है, लेकिन यह केंद्र सरकार के संस्थानों अथवा संसद में लागू होगा। विधानसभा के अपने नियम हैं।

