सुक्खू का एलान: भाजपा के 16 विधायक दोबारा नहीं जीतेंगे, बिहार नतीजों से भी घेरा
समारोह के उपरांत पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने प्रदेश के आगामी राजनीतिक परिदृश्य को लेकर बड़ा दावा किया। भाजपा पर सीधा हमला बोलते हुए सीएम ने कहा कि आने वाले समय में प्रदेश में भाजपा का जनाधार पूरी तरह खिसकने वाला है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा के मौजूदा 28 विधायकों में से 16 विधायक अगले विधानसभा चुनाव में अपनी सीट नहीं बचा पाएंगे और वापस सदन में नहीं आ सकेंगे। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में भाजपा की हार पर तंज कसते हुए कहा कि बिहार में नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद भाजपा का ग्राफ तेजी से गिरा है। युवाओं में भाजपा के प्रति भारी नाराजगी है। सीएम ने कहा कि चुनाव परिस्थितियों के अनुरूप होते हैं और देश-प्रदेश में बन रहे मौजूदा राजनीतिक माहौल का सीधा फायदा आगामी समय में कांग्रेस को मिलेगा।
विधानसभा में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि डा. यशवंत सिंह परमार के दूरदर्शी विचारों और संघर्ष की बदौलत ही हिमाचल आज विकास की बुलंदियों को छू रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार डा. परमार के आदर्शों पर चलते हुए आत्मनिर्भर हिमाचल के निर्माण की दिशा में धरातल पर काम कर रही है। सरकार का विशेष ध्यान ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने पर है, ताकि डा. परमार के पैतृक गांव से लेकर प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंच सके।
मुख्यमंत्री सुक्खू बने हैं भविष्यवक्ता, कोई नहीं लेता गंभीरता से: जयराम ठाकुर
मुख्यमंत्री सुक्खू द्वारा भाजपा के 16 विधायकों के हारने के दावे पर तीखा पलटवार करते हुए नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री इन दिनों भविष्यवक्ता की भूमिका में आ गए हैं। जयराम ने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के बयानों को अब प्रदेश की जनता तो दूर, उनकी अपनी कांग्रेस पार्टी के लोग और नेता भी गंभीरता से नहीं लेते। ऐसा लगता है कि मुख्यमंत्री भाजपा की नहीं, बल्कि खुद कांग्रेस पार्टी की अंदरूनी दुर्दशा और भविष्य की तस्वीर बता रहे हैं। आने वाले समय में कांग्रेस की स्थिति प्रदेश में और भी ज्यादा दयनीय होने वाली है।

दूसरी ओर डा. परमार को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने मांग की कि हिमाचल निर्माता की जयंती पर आयोजित कार्यक्रमों का स्वरूप और अधिक भव्य एवं व्यापक होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार कार्यक्रमों में केवल अपनी नीतियों और उपलब्धियों का महिमामंडन कर रही है, जबकि प्रदेश के विकास में पूर्ववर्ती सरकारों के ऐतिहासिक योगदान को पूरी तरह अनदेखा किया जा रहा है, जो कि अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने याद दिलाया कि भाजपा सरकार के दौरान आयोजित स्वर्णिम हिमाचल समारोह में दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सभी पूर्व सरकारों और मुख्यमंत्रियों के योगदान को उचित सम्मान दिया गया था।



