राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने राज कुमार को किया सम्मानित
आज के दौर में जहां लोग पाई-पाई जोड़ने और उसे अपने पास रखने की होड़ में लगे हैं, वहीं, प्रदेश के सोलन से मानवीय मूल्यों और निस्वार्थ सेवा की एक अद्भुत मिसाल सामने आई है। सोलन जिला के कुनिहार निवासी 86 वर्षीय राज कुमार ने अपनी जीवनभर की जमा-पूंजी का एक बड़ा हिस्सा समाज कल्याण के लिए समर्पित कर दिया है। शिमला स्थित आर्मी ट्रेनिंग कमांड (आर्टरैक) से बतौर लिपिक (क्लर्क) सेवानिवृत्त हुए राज कुमार ने लोक भवन में राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता को 26 लाख की भारी-भरकम धनराशि दान स्वरूप भेंट की। राज कुमार द्वारा दान की गई यह जीवनभर की गाढ़ी कमाई रेडक्रॉस सोसायटी को सौंपी गई है। इस राशि का उपयोग सोसायटी द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न सामाजिक और जन-कल्याणकारी कार्यों के लिए किया जाएगा, जिससे असहाय और जरूरतमंद लोगों की मदद की जा सके।
राज कुमार के इस अनुकरणीय और निस्वार्थ कदम की सराहना करते हुए राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने उन्हें लोक भवन में विशेष रूप से सम्मानित किया। राज्यपाल ने उन्हें हिमाचली टोपी पहनाई और शाल भेंट कर उनके प्रति आभार व्यक्त किया। राज कुमार जी का यह कदम पूरे समाज के लिए एक महान उदाहरण है। एक साधारण सरकारी पद से सेवानिवृत्त होने के बाद भी उनका दिल इतना बड़ा है कि उन्होंने अपनी जमा-पूंजी समाज को सौंप दी। देश के हर नागरिक को इनसे प्रेरणा लेनी चाहिए। उनके इस अमूल्य योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। राज कुमार की यह पहल यह साबित करती है कि समाज को बदलने और मानवीय मूल्यों को जीवित रखने के लिए बड़ी पदवी की नहीं, बल्कि एक बड़े और संवेदनशील दिल की जरूरत होती है।



